Congo fever in Rajasthan: राज्य सरकार ने जारी किया अलर्ट

किन लोगों को इस बीमारी से अलर्ट रहने की जरूरत है, क्या हैं इसके लक्षण, ट्रीटमेंट क्या है , यहां जानें

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जयपुर। कांगो बुखार के रूप में पहचाने जाने वाले घातक क्रीमियन-कांगो हेमोरेजिकफीवर (CCHF) के दो संदिग्ध मामले जोधपुर में सामने आने के बाद राजस्थान में अलर्ट जारी कर दिया गया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा के अनुसार, “कांगो बुखार के दो संदिग्ध मरीज जोधपुर में पाए गए हैं और उन्हें अहमदाबाद के एक अस्पताल में रेफर किया गया है। उनके नमूने भी पूरी तरह से जांच के लिए भेजे गए हैं और राज्य में चिकित्सा विभाग द्वारा अलर्ट जारी किया गया है।”

जयपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CCHF)- ने कहा, “इस बारे में अलर्ट रहने के लिए सभी स्वास्थ्य केंद्रों को एक पत्र जारी किया गया है। अगर कोई संदिग्ध मामला सामने आता है तो चिकित्सा अधिकारियों को नमूने एकत्र करने के लिए कहा गया है।”

जयपुर के सवाई मान सिंह अस्पताल के डॉ. एस. बनर्जी ने कहा, “कांगो बुखार के मामले में, नमूने हैदराबाद में एक लैब में भेजे गए हैं और रिपोर्ट आने में आम तौर पर कम से कम चार दिन लगते हैं। वर्तमान में, जोधपुर की टीम बीमारी फैलने के संबंध में नजर बनाए हुए हैं और अगर ज्यादा मामले सामने आते हैं तो हमारे अस्पताल से एक टीम इसमें शामिल होगी।”

Congo Fever Symptoms

स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा, कि कांगो बुखार सीसीएचएफ वायरस के कारण होता है और इसके अधिकांश लक्षण डेंगू बुखार जैसे होते हैं, जिससे असली बीमारी को पहचान कर इलाज करना मुश्किल हो जाता है।

Congo Fever Reason

स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि वायरस मुख्य रूप से लोगों में किलनी और पशु से फैलता है। संक्रमित किलनी से काटे गए पशु संक्रमित हो जाते हैं और वायरस लगभग एक सप्ताह तक उनके रक्त प्रवाह में रहता है। इसलिए मवेशी धंधों से जुड़े लोग, जैसे कि कृषि श्रमिक, बूचड़खाने के कर्मचारी और पशु चिकित्सकों के इस बीमारी की चपेट में आने का खतरा है।