Ayush: देश में तीन माह में 4 हजार health and wellness सेंटर खोलेगा आयुष

इस साल दिसंबर तक देश के विभिन्न राज्यों में ये हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (health and wellness centers) खुल जाएंगे, जहां आयुर्वेद, होमियोपैथी के अलावा यूनानी व सिद्धा चिकित्सा (Ayurveda, Homeopathy, Unani and Siddha medicine) उपलब्ध होगी।

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health and wellness centers: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की महत्वकांक्षी योजना आयुष्मान भारत (Ayushman Bharat) के तहत आयुष मंत्रालय देश में अगले तीन माह के भीतर चार हजार हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (health and wellness centers) खोलेगा। इस साल दिसंबर तक देश के विभिन्न राज्यों में ये हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (health and wellness centers) खुल जाएंगे, जहां आयुर्वेद, होमियोपैथी के अलावा यूनानी व सिद्धा चिकित्सा (Ayurveda, Homeopathy, Unani and Siddha medicine) उपलब्ध होगी। आयुष चिकित्सा को लेकर भारत जल्द ही चीन और बांग्लादेश के साथ मिलकर काम करने वाला है। दोनों ही देशों की ओर से वैकल्पिक चिकित्सा को लेकर दिलचस्पी जताई गई है। चीन और बांग्लादेश ने बीते अगस्त में भारत के साथ करार भी किए हैं।

मंत्रालय के अनुसार, बीते 21 अगस्त को बांग्लादेश से आए पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली पहुंचा था। बांग्लादेश अपने यहां वैकल्पिक चिकित्सा पर औषधि जांच प्रयोगशाला की स्थापना में भारत का सहयोग चाहता है। ठीक इसी तरह बीते 12 अगस्त को चीन के बीजिंग में भारत सरकार और चीन के ट्रेडिशनल मेडिसिन एडमिनिस्ट्रेशन के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। पीएमओ को भेजी अपनी मासिक रिपोर्ट में आयुष मंत्रालय ने इन दोनों एमओयू को बड़ी उपलब्धि बताया है।

केंद्रीय आयुष मंत्री श्रीपद येसो नाईक का कहना है कि आयुष मंत्रालय देश भर के डेढ़ लाख हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की स्थापना में मदद कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके मंत्रालय को साढ़े 12 हजार ऐसे केंद्रों की स्थापना करने का लक्ष्य दिया है। इनमें से 4 हजार सेंटरों की शुरुआत इसी वर्ष के अंत तक हो जाएगी। उन्होंने बताया कि बीते अगस्त में चीन और बांग्लादेश के साथ आयुष मंत्रालय का करार हुआ है। मलेशिया भी जल्द ही अपने यहां भारत सरकार के सहयोग से वैकल्पिक चिकित्सा सुविधा शुरू करने जा रहा है।

मंत्रालय के अनुसार, इस समय देश में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में 45 फीसदी सुविधाएं आयुष मुहैया करा रहा है। इनमें 11,837 चिकित्सा अधिकारी और 4549 आयुष चिकित्सा सहायको को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जरिए नियोजित किया है।

हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर मधुमेह के लिए बीजीआर-34 और सफेद दाग के लिए ल्यूकोस्किन जैसी दवाएं भी उपलब्ध होंगी, जिनकी खोज डीआरडीओ और सीएसआईआर के वैज्ञानिकों ने की है। इस पर दुनिया भर में वैज्ञानिकों ने खूब सराहना भी बटोरी है।

आयुष को लेकर सरकार के इस कदम का आयुष विशेषज्ञों ने स्वागत किया है। एमिल फार्मा के कार्यकारी निदेशक संचित शर्मा का कहना है कि आयुष के क्षेत्र में सरकार हर दिन नई उपलब्धियां अपने नाम कर रही है। देश में आयुष को बढ़ावा देने का हम स्वागत करते हैं। एक बार फिर भारत विश्वगुरु बनने की दिशा में बढ़ रहा है।

हाल ही में सफदरजंग अस्पताल में यूनानी रिसर्च सेंटर के उद्घाटन पर केंद्रीय आयुष मंत्री श्रीपद येसो नाईक ने कहा कि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर हाल ही में हरियाणा में शुरू किए हैं। यहां आयुष चिकित्सा पद्घति से न सिर्फ चिकित्सीय परामर्श, बल्कि जांच व दवाओं के विकल्प भी मरीजों को उपलब्ध हो सकेंगे। डेढ़ लाख हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर पांच तरह के कैंसर के अलावा उच्च रक्तचाप, पोषण, ब्लड प्रोफाइल, मधुमेह इत्यादि की जांच सुविधा मौजूद होगी, जबकि आयुष के सेंटरों पर मरीजों की काउंसलिंग की व्यवस्था भी है।