जहां दशहरे में दिखती है हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल

भोपाल (Bhopal) से लगभग 300 कि. मी. दूर शिवपुरी के सिद्घेश्वर मैदान में हर साल दशहरा उत्सव में रावण के पुतले के निर्माण की जिम्मेदारी हमेशा मुस्लिम (Muslim family) परिवार निभाता है।

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Madhya Pradesh Dussehra Utsav 2019: शिवपुरी (Shivpuri) जिले में दशहरा (Dussehra) के लिए बनने वाले रावण (Ravana) के पुतले के निर्माण से लेकर दहन (Dahan) तक की प्रक्रिया में सांप्रदायिक सद्भाव (Communal harmony) देखने को मिलता है। एक मुस्लिम परिवार पुतले का निर्माण करता है तो हिंदू समाज के लोग उसका दहन करते हैं। राजधानी भोपाल (Bhopal) से लगभग 300 कि. मी. दूर है शिवपुरी जिला। यहां के सिद्घेश्वर मैदान में हर साल दशहरा उत्सव (Dussehra festival) का आयोजन पंजाबी परिषद द्वारा किया जाता है, जिसमें रावण के पुतले का दहन किया जाता है। पुतले के निर्माण की जिम्मेदारी हमेशा मुस्लिम (Muslim family) परिवार निभाता है।

इसलिए यह कार्यक्रम अब हिंदू-मुस्लिम एकता (Hindu-Muslim unity) की मिसाल बन गया है। मुस्लिम परिवार पिछले डेढ़ दशक से रावण के पुतले का निर्माण करता आ रहा है। इस पुतले को बनाने को लेकर मुस्लिम परिवार भी उत्साहित होता है और इसके लगभग सभी सदस्यों का इसमें योगदान रहता है। परिवार के सभी सदस्य लगभग 20 दिनों तक पुतला निर्माण में लगे रहते हैं।

रावण के पुतले (effigy of Ravana) का निर्माण करने वाले अबरार खान ने बताया, “हमारा पूरा परिवार रावण के पुतले का निर्माण करता है। हमारे उस्ताद आजाद खान के नेतृत्व में इस पुतले का निर्माण होता है। हम काफी सालों से इसका निर्माण करते आ रहे हैं।”

दशहरा उत्सव का आयोजन करने वाले पंजाबी परिषद के सचिव संजय ढींगरा ने बताया कि उनके पूर्वज कई सालों से शिवपुरी में रावण के पुतले के दहन के लिए पुतले का निर्माण मुस्लिम परिवार से कराते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह मुस्लिम परिवार भी पूरे उत्साह के साथ इस पुतले को बनाता है।

-IANS