Bhai Dooj 29 October 2019: भाई दूज शुभ मुहूर्त, टाइम और कैसे मनाएं भाई-बहन ये त्योहार

हमारे हर त्योहार -पर्व रोजाना कोई न कोई संदेश लेकर आते हैं। जहां होली व दिवाली समाज को बांधते हैं वहीं रक्षा बन्धन और भाई दूज परिवारों को एक सूत्र में बांधे रखते हैं।

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मदन गुप्ता सपाटू,ज्योतिर्विद्

Bhai Dooj 29 October 2019 Shubh Muhurt: हमारे देश में पारिवारिक एवं सामाजिक संबंधों को अत्यंत महत्वपूर्ण एवं स्थाई माना गया है। इसीलिए हमारे हर त्योहार -पर्व रोजाना कोई न कोई संदेश लेकर आते हैं। जहां होली व दिवाली समाज को बांधते हैं वहीं रक्षा बन्धन और भाई दूज परिवारों को एक सूत्र में बांधे रखते हैं।

भाई दूज का शुभ मुहूर्त / Auspicious time for Bhai Dooj

  • भाई दूज तिथि का प्रारंभ: 29 अक्‍टूबर 2019 को सुबह 06 बजकर 13 मिनट से
  • भाई दूज तिथि का समापन: 30 अक्‍टूबर 2019 को सुबह 03 बजकर 48 मिनट तक
  • भाई दूज का शुभ मुहूर्त: दोपहर 01 बजकर 11 मिनट से दोपहर 03 बजकर 23 मिनट तक
  • कुल अवधि: 02 घंटे 12 मिनट

भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है भईया दूज

आधुनिक युग में भाई -बहन एक दूसरे की पूर्ण सुरक्षा का भी ख्याल रखें । नारी सम्मान हो। समाज में महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों में कमी आएगी। भाई-बहन को स्नेह, प्रेम ,कर्तव्य एवं दायित्व में बांधने वाला राखी का पर्व जब भाई का मुंह मीठा करा के और कलाई पर धागा बांध कर मनाया जाता है तो रिश्तों की खुशबू सदा के लिए बनी रहती है और संबंधों की डोर में मिठास का एहसास आजीवन परिलक्षित होता रहता है। फिर इन संबंधों को ताजा करने का अवसर आता है भईया दूज पर । राखी पर बहन, भाई के घर राखी बांधने जाती है और भैया दूज पर भाई ,बहन के घर तिलक करवाने जाता है। ये दोनों त्योहार ,भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर हैं जो आधुनिक युग में और भी महत्वपूर्ण एवं आवश्यक हो गए हैं जब भाई और बहन, पैतृक संपत्ति जैसे विवादों या अन्य कारणों से अदालत के चककर काटते नजर आते हैं।

दीपावली के तीसरे दिन कार्तिक शुक्ल द्वितिया को भैया दूज का पर्व मनाया जाता है। इस तिथि से यमराज और द्वितिया तिथि का सम्बन्ध होने के कारण इसको यमद्वितिया भी कहा जाता है। इस दिन बहनें अपने भाई का तिलक करती हैं. उसका स्वागत सत्कार करती हैं और उनके लम्बी आयु की कामना करती हैं। माना जाता है कि जो भाई इस दिन बहन के घर पर जाकर भोजन ग्रहण करता है और तिलक करवाता है, उसकी अकाल मृत्यु नहीं होती. भइया दूज के दिन ही यमराज के सचिव चित्रगुप्त जी की भी पूजा होती है। इस बार भइया दूज का पर्व 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा।

कैसे मनाएं भाई दूज का त्योहार? / How to celebrate Bhai Dooj festival?

आज के दिन भाई प्रातःकाल चन्द्रमा का दर्शन करें। इसके बाद यमुना के जल से स्नान करें या ताजे जल से स्नान करें। अपनी बहन के घर जाएं और वहां बहन के हाथों से बना हुआ भोजन ग्रहण करें। बहनें भाई को भोजन कराएँ, उनका तिलक करके आरती करें. भाई यथाशक्ति अपनी बहन को उपहार दें।